अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज़ के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में के.एल. राहुल ने शानदार शतक जमाकर सुर्खियाँ बटोरीं। यह पारी खास इसलिए रही क्योंकि यह उनका 2016 के बाद भारत की ज़मीन पर दूसरा टेस्ट शतक है।
राहुल के इस शतक ने भारतीय पारी को मज़बूती दी और वेस्टइंडीज़ के गेंदबाज़ों को लगातार दबाव में रखा।
मैच का परिदृश्य – India vs West Indies
India vs West indies के बीच मौजूदा टेस्ट सीरीज़ को दोनों टीमों के लिए अहम माना जा रहा है।
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भारत घरेलू मैदान पर अपनी मज़बूत पकड़ बनाए रखना चाहता है।
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वहीं वेस्टइंडीज़ अपनी युवा टीम के साथ टेस्ट क्रिकेट में वापसी के इरादे से उतरी है।
पहले दिन भारतीय टॉप ऑर्डर थोड़े संघर्ष में दिखा, लेकिन राहुल ने पारी को संभालते हुए अपने क्लासिक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी की।
2016 की अधूरी कहानी
साल 2016 में चेन्नई टेस्ट में राहुल ने 199 रन बनाए थे और महज 1 रन से दोहरा शतक चूक गए थे।
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उस टेस्ट में करुण नायर ने तिहरा शतक लगाया था और राहुल की पारी दब गई थी।
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इसके बाद भारत में शतक की उनकी तलाश लंबी खिंच गई।
अहमदाबाद 2025 – जब सूखा टूटा
नरेंद्र मोदी स्टेडियम की भरी हुई गैलरी में जब राहुल ने अपना शतक पूरा किया, तो पूरा माहौल तालियों और शोर से गूंज उठा।
उनकी पारी की खास बातें:
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धैर्य और तकनीक दोनों का शानदार मिश्रण दिखा।
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तेज़ गेंदबाज़ों को सीधा खेलकर शुरुआत की।
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स्पिनरों पर स्वीप और ड्राइव से दबाव बनाया।
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190 गेंदों पर शतक पूरा कर भारतीय ड्रेसिंग रूम को राहत दी।
क्यों अहम है यह शतक?
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2016 के बाद भारत में दूसरा शतक – यह लंबा इंतज़ार राहुल और फैंस दोनों के लिए खत्म हुआ।
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India vs West Indies जैसे ऐतिहासिक मुकाबले में यह शतक टीम के मनोबल को ऊँचा करता है।
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करियर का नया मोड़ – आलोचनाओं और लगातार बाहर-बैठने के बाद राहुल ने वापसी का बिगुल बजा दिया।
India vs West Indies – मुकाबले का असर
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राहुल की पारी ने भारत को मज़बूत स्थिति में ला दिया।
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वेस्टइंडीज़ के गेंदबाज़ों को विकेट निकालने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी।
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यह शतक मैच के नतीजे को काफी हद तक भारत की तरफ झुका सकता है।
निष्कर्ष
अहमदाबाद टेस्ट 2025: India vs West Indies का यह मैच अब के.एल. राहुल की शतकीय पारी की वजह से ऐतिहासिक बन गया है।
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यह सिर्फ उनके लिए नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी गर्व का पल है।
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2016 के बाद भारत में आया यह दूसरा शतक उनके करियर की नई शुरुआत का प्रतीक है।
राहुल ने साबित कर दिया कि टेस्ट क्रिकेट अभी भी उनके दिल और दिमाग दोनों में बसा है और भारत को आने वाले मैचों में उनसे बड़ी उम्मीदें रहेंगी।



