भारतीय क्रिकेट के ‘रन मशीन’ विराट कोहली ने एक बार फिर दुनिया को अपनी क्लास दिखाई है। ind vs sa के बिच चल रही ODI सीरीज़ के पहले ही मैच में, रांची के JSCA इंटरनेशनल स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में, कोहली ने अपने वनडे करियर का 52वां शतक जड़कर इतिहास रच दिया। यह शतक सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि क्रिकेट के एक नए युग की गाथा है, और इसकी गूंज इसलिए भी खास है क्योंकि यह महान महेंद्र सिंह धोनी के शहर में आई है।
धोनी के ‘गढ़’ में King Kohli का जलवा
यह मैच रांची में खेला गया, जो भारत के सबसे सफल कप्तान ms dhoni का गृह नगर है। इस मैदान पर विराट कोहली का रिकॉर्ड हमेशा से शानदार रहा है, लेकिन इस बार का शतक एक अलग ही महत्व रखता है। जब टीम इंडिया टेस्ट सीरीज़ की निराशा को पीछे छोड़कर नए सिरे से ODI फॉर्मेट में उतरी, तो टीम को एक ‘विराट’ प्रेरणा की ज़रूरत थी, और कोहली ने अपने बल्ले से वह प्रेरणा दी।
फैंस के लिए यह एक यादगार पल था, जहां एक ओर अपने ‘थाला’ (धोनी) के शहर में मैच हो रहा था, वहीं दूसरी ओर ‘किंग’ कोहली ने अपने शानदार खेल से पूरे स्टेडियम को झूमने पर मजबूर कर दिया।
52 का ‘विराट’ Milestone: ODI क्रिकेट में नया कीर्तिमान
विराट कोहली का यह 52वां ODI शतक उन्हें वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे आगे रखता है।
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कुल ODI शतक: इस 52वें शतक के साथ, विराट कोहली के नाम अब 52 ODI शतक दर्ज हो गए हैं।
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उन्होंने पहले ही महान सचिन तेंदुलकर (49 ODI शतक) के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था, और अब वह इस फॉर्मेट में शतकों के मामले में एक ऐसा फासला बना रहे हैं जिसे पार कर पाना शायद किसी भी क्रिकेटर के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती होगी।
इंटरनेशनल क्रिकेट में 83वीं सेंचुरी!

ODI फॉर्मेट के अलावा, अगर हम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में उनके शतकों की बात करें, तो यह उनका कुल मिलाकर 83वां अंतर्राष्ट्रीय शतक है।
| फॉर्मेट | शतकों की संख्या |
| वनडे (ODI) | 52 |
| टेस्ट | 30 |
| टी20 अंतर्राष्ट्रीय (T20I) | 1 |
| कुल अंतर्राष्ट्रीय शतक | 83 |
यह आंकड़ा उन्हें ‘मास्टर ब्लास्टर’ सचिन तेंदुलकर (100 अंतर्राष्ट्रीय शतक) के महा-रिकॉर्ड के और करीब ले जाता है। 83 शतकों के साथ, वह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में दूसरे सबसे ज़्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं, और जिस तरह की फॉर्म में वह दिख रहे हैं, यह रिकॉर्ड भी अब दूर नहीं लगता।
क्यों खास है यह पारी?
यह शतक सिर्फ आंकड़ों के लिए खास नहीं था, बल्कि यह दर्शाता है कि दबाव में virat kohli की एकाग्रता और क्लास किस स्तर की है।
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दबाव में प्रदर्शन: टेस्ट सीरीज़ में हार के बाद, टीम को एक मजबूत शुरुआत की ज़रूरत थी, और कोहली ने शुरुआती झटके के बाद रोहित शर्मा के साथ मिलकर न सिर्फ पारी को संभाला बल्कि बड़े स्कोर की नींव भी रखी।
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क्लासिक स्ट्रोक्स: रांची के मैदान पर उन्होंने अपने क्लासिक कवर ड्राइव्स और शानदार रनिंग बिटवीन द विकेट्स का प्रदर्शन किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में लौट चुके हैं।
रांची के फैंस ने इस ऐतिहासिक पल को लाइव देखा, और ‘किंग कोहली’ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्यों उन्हें मौजूदा दौर का महानतम बल्लेबाज कहा जाता है।
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