भारतीय क्रिकेट टीम की गेंदबाज़ी जब दुनिया की सबसे खतरनाक गेंदबाज़ी इकाइयों में गिनी जाती है, तो उसके पीछे सबसे बड़ा नाम जसप्रीत बुमराह का होता है लेकिन जैसे ही बुमराह टीम से बाहर होते हैं, वही गेंदबाज़ी अचानक दबाव में और असंतुलित नज़र आने लगती है।
बुमराह के बिना भारतीय टीम क्यों कमजोर नज़र आती है?
जसप्रीत बुमराह भारतीय गेंदबाज़ी की पूरी योजना का केंद्र होते हैं।
बुमराह टीम इंडिया को क्या देते हैं?
- नई गेंद से शुरुआती विकेट
- मिडिल ओवर्स में रन गति पर नियंत्रण
- डेथ ओवर्स में सटीक यॉर्कर
- बड़े मैचों में दबाव झेलने की क्षमता
बुमराह नहीं होते तो क्या बदल जाता है?
- अन्य गेंदबाज़ों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी
- आखिरी ओवरों में रन लुटने लगते हैं
- कप्तान के पास भरोसेमंद विकल्प कम हो जाते हैं

आंकड़े खुद बताते हैं कि टेस्ट क्रिकेट में बुमराह क्यों सबसे ज़्यादा अहम हैं
सिर्फ आंकड़ों और प्रदर्शन के आधार पर देखें तो टेस्ट क्रिकेट में जसप्रीत बुमराह की अहमियत किसी भी अन्य भारतीय तेज़ गेंदबाज़ से कहीं अधिक है।
टेस्ट क्रिकेट में जसप्रीत बुमराह के आंकड़े
- कुल विकेट: 150 से अधिक
- गेंदबाज़ी औसत: लगभग 20
- स्ट्राइक रेट: करीब 42
- विदेशी पिचों पर शानदार रिकॉर्ड
टेस्ट मैचों में बुमराह क्यों सबसे ज़रूरी हैं?
- नई और पुरानी दोनों गेंद से विकेट लेने की क्षमता
- सपाट पिचों पर भी असरदार गेंदबाज़ी
- मुश्किल हालात में टीम को मैच में बनाए रखना
दूसरे भारतीय तेज़ गेंदबाज़ों की तुलना में बुमराह का प्रदर्शन कहीं ज़्यादा प्रभावशाली रहा है।
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जसप्रीत बुमराह ने अपने दम पर भारत को अब तक किन बड़े मैचों में जीत दिलाई है?
टी20 वर्ल्ड कप 2024: ऐतिहासिक 18वां ओवर जिसने मैच पलट दिया
- 18वें ओवर में सटीक यॉर्कर और धीमी गेंदों से रन फ्लो रोका
- सेट बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने का मौका नहीं मिला
- वही ओवर भारत की जीत का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ

टेस्ट क्रिकेट में विदेशी ज़मीन पर मैच जिताऊ स्पेल
- SENA देशों में लगातार अहम विकेट
- मुश्किल पिचों पर भी साझेदारी तोड़ने की क्षमता
जब बुमराह चोटिल होते हैं, तब टीम इंडिया पर असर साफ दिखता है
Jasprit bumrah की चोट भारतीय टीम के लिए सिर्फ एक खिलाड़ी की कमी नहीं होती।
उदाहरण 1: ICC टूर्नामेंट
- बुमराह टूर्नामेंट से बाहर
- डेथ ओवर्स में गेंदबाज़ी कमजोर
- करीबी मुकाबलों में हार
उदाहरण 2: टेस्ट सीरीज़
- विपक्षी बल्लेबाज़ों ने खुलकर रन बनाए
- विकेट निकालने में संघर्ष
- गेंदबाज़ी का दबाव बढ़ा
- इन उदाहरणों से साफ है कि बुमराह की मौजूदगी टीम की पूरी तस्वीर बदल देती है।
निष्कर्ष
जसप्रीत बुमराह के बिना भारतीय गेंदबाज़ी सिर्फ कमजोर नहीं, बल्कि अधूरी नज़र आती है। आंकड़े और बड़े मुकाबलों का अनुभव साफ बताता है कि बुमराह भारतीय टीम की गेंदबाज़ी की पहचान हैं। आपको क्या लगता है – अगर आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स में जसप्रीत बुमराह फिट नहीं रहते, तो क्या भारतीय गेंदबाज़ी दबाव में टिक पाएगी? ऐसे ही क्रिकेट ब्लॉग पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट “virtualboost.in” पर ज़रूर विज़िट करें।
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