शानदार प्रदर्शन के बावजूद टीम इंडिया से बाहर भुवनेश्वर कुमार के साथ आखिर क्या गलत हुआ?

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भुवनेश्वर कुमार – एक ऐसा नाम जिसने स्विंग, सीम और सटीक लाइन-लेंथ से सालों तक भारतीय गेंदबाज़ी को मजबूती दी। शुरुआती ओवरों में विकेट निकालना हो या डेथ ओवर्स में रन रोकना, भुवी ने हर फॉर्मेट में खुद को साबित किया।फिर भी सवाल वही है – इतनी अच्छी परफॉर्मेंस के बावजूद भुवनेश्वर कुमार आज टीम इंडिया से बाहर क्यों हैं क्या वजह सिर्फ फॉर्म है, या इसके पीछे सेलेक्शन पॉलिटिक्स और बदलती रणनीति भी शामिल है?

भुवनेश्वर कुमार का प्रदर्शन – आंकड़े जो आज भी मजबूत हैं

भुवनेश्वर कुमार का करियर सिर्फ भावनाओं पर नहीं, बल्कि ठोस आंकड़ों पर खड़ा है।

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इंटरनेशनल क्रिकेट में भुवी के प्रमुख आंकड़े

  • टेस्ट: 21 मैच, 63 विकेट
  • वनडे: 121 मैच, 141 विकेट
  • T20I: 87 मैच, 90 विकेट

भुवी की सबसे बड़ी ताकत रही है नई गेंद से स्विंग और सटीकता। विदेशी पिचों पर भी उन्होंने इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका जैसी टीमों के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन किया।

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टीम इंडिया से बाहर होने की असली वजह – फॉर्म, फिटनेस या राजनीति?

अगर आंकड़े सही हैं, तो फिर बाहर क्यों?

1. फिटनेस और इंजरी की समस्या

भुवनेश्वर कुमार पिछले कुछ सालों में बार-बार चोटिल हुए।

  • लगातार इंजरी
  • लंबे ब्रेक
  • लय टूटना

2. बदलती टीम रणनीति

टीम इंडिया अब ज़्यादा फोकस कर रही है:

  • एक्सप्रेस पेस
  • 140+ की स्पीड
  • ऑलराउंडर्स

यही वजह है कि सिराज, शमी, बुमराह जैसे बॉलर आगे निकल गए।

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क्या भुवनेश्वर कुमार टीम इंडिया में वापसी कर सकते हैं?

सवाल बड़ा है, लेकिन जवाब ना में नहीं है।

वापसी के लिए क्या करना होगा?

  • घरेलू क्रिकेट में लगातार विकेट
  • IPL में नई गेंद से प्रभावशाली स्पेल
  • डेथ ओवर्स में इकॉनमी कंट्रोल
  • फिटनेस पर खास ध्यान

भुवी के पास आज भी वो स्किल है जो उन्हें दूसरों से अलग बनाती है

अनुभव जो किसी युवा के पास नहीं

  • दबाव में गेंदबाज़ी
  • ICC टूर्नामेंट्स का अनुभव
  • मैच को पढ़ने की क्षमता

अगर टीम मैनेजमेंट अनुभव और कंट्रोल को महत्व देती है, तो भुवनेश्वर कुमार की वापसी पूरी तरह संभव है।

निष्कर्ष

भुवनेश्वर कुमार को टीम इंडिया से बाहर करना सिर्फ एक खिलाड़ी को नहीं, बल्कि एक अनुभव को बाहर करना था। उनकी परफॉर्मेंस कभी इतनी खराब नहीं रही कि उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज़ कर दिया जाए। हां, फिटनेस और बदलती रणनीति एक वजह हो सकती है, लेकिन सेलेक्शन पॉलिटिक्स को भी नकारा नहीं जा सकता।

आपको क्या लगता है – क्या भुवनेश्वर कुमार एक बार फिर टीम इंडिया में वापसी कर सकते हैं, या उनका इंटरनेशनल करियर अब खत्म होने की कगार पर है? अपनी राय हमें कमेंट में ज़रूर बताइए।

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