पर्थ, 22 नवंबर, 2025 – ashes 2025/26 का पहला टेस्ट मैच सिर्फ़ दो दिनों में ही समाप्त हो गया, जब ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। यह ऐतिहासिक जीत पूरी तरह से दो खिलाड़ियों के तूफानी प्रदर्शन पर आधारित थी: तेज़ गेंदबाज़ मिचेल स्टार्क और विस्फोटक बल्लेबाज़ ट्रैविस हेड। उनकी धारदार गेंदबाज़ी और रिकॉर्ड-तोड़ बल्लेबाज़ी ने ही इस मैच को इंग्लैंड की पहुँच से दूर कर दिया।
मिचेल स्टार्क: गेंद से कहर और 10 विकेट की दहाड़।

तेज़ गेंदबाज़ mitchell starc इस मैच में ऑस्ट्रेलिया के लिए बॉलिंग हीरो रहे। उनकी रफ़्तार, सटीक स्विंग और रिवर्स स्विंग ने इंग्लैंड के बल्लेबाज़ी क्रम को तहस-नहस कर दिया।
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रिकॉर्ड ब्रेकिंग पहली पारी (7/58): स्टार्क ने पहली पारी में 7 विकेट लेकर इंग्लैंड को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया। उन्होंने अपनी तीखी यॉर्कर और फुल लेंथ की गेंदों से बल्लेबाजों को लगातार मुश्किल में डाला। उनका यह प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया को मैच में शुरुआती बढ़त दिलाने वाला निर्णायक क्षण था।
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दूसरी पारी में निर्णायक वार: जब इंग्लैंड के बल्लेबाज़ दूसरे दिन लंच के बाद थोड़ा जमने की कोशिश कर रहे थे, तब स्टार्क ने एक विनाशकारी स्पेल डाला। उन्होंने सेट हो चुके जो रूट और कप्तान ben stokes को जल्दी-जल्दी आउट करके इंग्लैंड के वापसी के सारे रास्ते बंद कर दिए। इस पारी में भी उन्होंने महत्वपूर्ण विकेट लिए, जिससे उनका मैच का कुल स्कोर 10 विकेट तक पहुँच गया।
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प्रभाव: स्टार्क ने दोनों पारियों में पहले और आखिरी विकेट लेने की जिम्मेदारी बखूबी निभाई, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि इंग्लैंड की टीम कभी भी बड़ी साझेदारी स्थापित नहीं कर पाई।
ट्रैविस हेड: ‘Bazball’ को मिला ‘Head-Ball’ का जवाब (123 रन)।

जब ऑस्ट्रेलिया को 205 रनों के दबाव भरे लक्ष्य का पीछा करना था, तब स्टैंड-इन ओपनर के रूप में आए travis head ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी से इंग्लैंड के सारे मंसूबों पर पानी फेर दिया।
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तूफानी शतक: हेड ने इंग्लैंड की “बैज़-बॉल” रणनीति को उन्हीं के अंदाज़ में जवाब दिया। उन्होंने सिर्फ़ 69 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, जो एशेज के इतिहास में सबसे तेज़ शतकों में से एक है।
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अविश्वसनीय पारी (123 रन): उनकी 83 गेंदों में 123 रनों की तूफानी पारी में 18 चौके और 3 छक्के शामिल थे। उन्होंने बेन स्टोक्स, स्टुअर्ट ब्रॉड और मार्क वुड जैसे अनुभवी गेंदबाज़ों की जमकर धुनाई की।
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खेल का निर्णायक मोड़: हेड की पारी ने चौथी पारी के दबाव को पूरी तरह से ऑस्ट्रेलिया की तरफ से हटा दिया। उनकी आक्रामकता ने रन-रेट को इतना ऊँचा रखा कि ऑस्ट्रेलिया ने यह छोटा लक्ष्य सिर्फ़ 30.5 ओवर में ही हासिल कर लिया, जिससे इंग्लैंड के पास कोई भी रक्षात्मक चाल चलने का मौका नहीं बचा। यह पारी न सिर्फ़ मैच-विनिंग थी, बल्कि यह इंग्लैंड के तेज़ अटैक के आत्मविश्वास को भी तोड़ने वाली थी।
अन्य खिलाड़ियों का संक्षिप्त योगदान।
यह जीत स्टार्क और हेड के नाम रही, लेकिन अन्य खिलाड़ियों ने अपनी भूमिकाएँ पूरी ईमानदारी से निभाईं:
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मार्नस लाबुशेन (39 रन): दूसरी पारी में एक छोर पर टिककर हेड को फ्री हैंड दिया और एक मज़बूत साझेदारी बनाई।
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स्कॉट बोलैंड (4 विकेट): स्टार्क के साथ मिलकर दूसरे दिन लंच के बाद इंग्लैंड के मिडिल ऑर्डर में सेंध लगाई, अपनी सटीक लाइन और लेंथ से विकेट लिए।
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स्टीव स्मिथ: स्टैंड-इन कप्तान के रूप में शांत रहकर टीम का मार्गदर्शन किया और जीत के रन बनाए।
निष्कर्ष।
एशेज के पहले टेस्ट का दो दिन में खत्म होना क्रिकेट जगत के लिए एक बड़ा बयान है। यह जीत न केवल ऑस्ट्रेलिया को सीरीज में 1-0 की बढ़त दिलाती है, बल्कि मिचेल स्टार्क और ट्रैविस हेड जैसे मैच-विनर्स की क्षमता को भी उजागर करती है। इंग्लैंड को अब ब्रिस्बेन में होने वाले दूसरे डे-नाइट टेस्ट में बड़ी वापसी करने के लिए अपनी ‘बैज़-बॉल’ रणनीति पर गहराई से विचार करना होगा।
आपको क्या लगता है? क्या इंग्लैंड की “बैज़-बॉल” रणनीति एशेज के लिए सही है, या क्या उन्हें अब अपनी रणनीति बदलनी पड़ेगी?
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