एशेज 2025: जो रूट ने तोड़ा ‘ऑस्ट्रेलियाई श्राप’, 40वां शतक जड़कर रचा इतिहास।

Joe-Root-England-Australia-Ashes-Brisbane-hundred-2025-26

इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट (Joe Root) ने ashes 2025-26 सीरीज़ के दौरान एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया है। ब्रिस्बेन के ऐतिहासिक गाबा (The Gabba) मैदान पर खेले जा रहे डे-नाइट टेस्ट मैच में, रूट ने अपने करियर का 40वां टेस्ट शतक जड़ा।

यह शतक इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि यह ऑस्ट्रेलिया की ज़मीन पर उनकी पहली शतकीय पारी है, जिसके लिए उन्हें 12 साल और 30 पारियों का लंबा इंतजार करना पड़ा। यह उपलब्धि उन्हें टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक शतक लगाने वाले खिलाड़ियों की सूची में चौथे स्थान पर ले गई है।

ऑस्ट्रेलियाई धरती पर शतक का ‘श्राप’ और उसका अंत।

जो रूट हमेशा से ही दुनिया के फैब फोर में शामिल रहे हैं। रूट ने हर जगह रन बनाए, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में तीन अंकों का आंकड़ा छूना बाकी था। उनके नाम 9 अर्धशतक थे, जो उनके लगातार बेहतरीन प्रदर्शन को दर्शाते थे, लेकिन शतक की कमी हमेशा एक चर्चा का विषय बनी रही।

दबावपूर्ण शुरुआत और रूट का आगमन।

  • टीम की स्थिति: मैच की शुरुआत में ही इंग्लैंड ने सिर्फ 5 रन के स्कोर पर दो 5/2 महत्वपूर्ण विकेट खो दिए थे।

  • संकटमोचक रूट: ऐसे में, joe root ने क्रीज पर कदम रखा। उन्होंने अपनी क्लास, धैर्य और अटूट एकाग्रता का परिचय दिया।

  • गेंदबाजों को जवाब: उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों स्टार्क, कमिंस की घातक स्पेल का सामना किया और एक-एक रन जोड़कर पारी को खड़ा किया।

यह शतक ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों और आलोचकों को रूट का सीधा जवाब था, जिन्होंने इस कमी को हमेशा मुद्दा बनाया था।

40वां शतक: रिकॉर्ड बुक में बड़ा उछाल।

joe-root-hundred-40-aus-ebg-ashes-2025-26-gabba

यह शानदार 40वां टेस्ट शतक रूट को टेस्ट क्रिकेट के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों की सूची में और ऊपर ले गया है। यह मील का पत्थर कई कारणों से खास है

  • संगकारा को पछाड़ा: रूट ने 40 शतक लगाकर श्रीलंका के दिग्गज बल्लेबाज कुमार संगकारा 38 शतक को पीछे छोड़ दिया है।

  • सर्वकालिक सूची में चौथा स्थान: वह अब सबसे ज्यादा टेस्ट शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में चौथे स्थान पर हैं।

  • ‘फैब फोर’ में लीड: वह सक्रिय बल्लेबाजों में विराट कोहली 30 शतक और स्टीव स्मिथ 35 शतक से आगे निकल गए हैं।

कैसे बनी यह अविस्मरणीय पारी?

यह पारी रूट की मानसिक शक्ति का प्रमाण थी।

  1. पिंक बॉल मास्टरी: डे-नाइट टेस्ट में रोशनी और मौसम की मुश्किल परिस्थितियों में भी उन्होंने बेहतरीन टाइमिंग दिखाई।

  2. तकनीकी निपुणता: उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई पेस अटैक की गेंदों को संयम से खेला और गलतियों से बचे।

  3. Bazball प्रभाव: इस शतक में उनके ट्रेडमार्क स्वीप और रिवर्स स्वीप शॉट्स का भी समावेश था, जो दिखाता है कि आक्रामक शैली ने उनकी तकनीक को और निखारा है।

निष्कर्ष।

जब उन्होंने शतक पूरा किया, तो उनका शांत जश्न उस 12 साल के समर्पण और संघर्ष को दर्शा रहा था। यह शतक एक चैंपियन बल्लेबाज की मुहर थी जो अब अपने करियर के शिखर पर है। ऑस्ट्रेलियाई धरती पर उनकी यह विजय, उनके करियर का सबसे कीमती अध्याय बन गई है।

आपको क्या लगता है? क्या जो रूट, सचिन तेंदुलकर के 51 शतकों के रिकॉर्ड को तोड़ पाएंगे?

अपनी राय हमें कमेंट सेक्शन में ज़रूर बताएँ! और ऐसे ही एक्सक्लूसिव और दमदार क्रिकेट ब्लॉग्स पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट Virtual Boost/blog पर ज़रूर विज़िट करें।

Read more: IPL झगड़ा Vs टीम इंडिया का भविष्य: कोहली-गंभीर को कौन सुलझाएगा? देखें अंदर की पूरी कहानी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *