भारतीय क्रिकेट में ऋषभ पंत एक ऐसा नाम है जिसे देखकर विरोधी कप्तान की सांसें अटक जाती हैं। उनके पास ‘गजब का हुनर’ है-वो एक हाथ से छक्के जड़ते हैं और विकेट के पीछे से मैच का रुख पलट देते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से एक अजीब सी सच्चाई सामने आई है: पंत टेस्ट के तो ‘बेताज बादशाह’ हैं, पर वनडे और टी20 की टीम में उनकी जगह पक्की नहीं हो पा रही है।
वनडे (ODI): क्यों केएल राहुल बन गए हैं पंत से बेहतर विकल्प?
वनडे क्रिकेट में Rishabh pant का रिकॉर्ड अच्छा रहा है, लेकिन टीम इंडिया की वर्तमान रणनीति ने उन्हें रेस में थोड़ा पीछे धकेल दिया है। आज मैनेजमेंट की पहली पसंद केएल राहुल हैं।

केएल राहुल क्यों हैं बेहतर ऑप्शन?
- मध्य क्रम में स्थिरता: केएल राहुल ने नंबर 5 पर खुद को एक भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया है। वो कठिन समय में पारी को संभालना जानते हैं।
- स्ट्राइक रोटेशन: वनडे में लंबी पारी खेलने के लिए सिंगल-डबल लेना जरूरी होता है, जिसमें राहुल, पंत की तुलना में ज्यादा माहिर हैं।
- सधी हुई विकेटकीपिंग: स्पिनरों के खिलाफ राहुल की कीपिंग में काफी सुधार हुआ है, जिससे टीम को एक अतिरिक्त बल्लेबाज खिलाने का मौका मिलता है
मुख्य बिंदु: जब तक kl rahul फिट हैं, टीम इंडिया एक ‘फिनिशर’ और ‘एंकर’ के रूप में उन पर ज्यादा भरोसा जता रही है, जिससे पंत के लिए दरवाजे फिलहाल बंद नजर आते हैं।
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टी20 (T20): संजू सैमसन और ईशान किशन से पिछड़ते पंत?
टी20 क्रिकेट सबसे तेज फॉर्मेट है और यहाँ आंकड़ों का खेल सबसे ऊपर होता है। पंत का गजब का हुनर यहाँ उनके कम स्ट्राइक रेट की वजह से फीका पड़ जाता है।
संजू और ईशान क्यों मार रहे हैं बाजी?
- संजू सैमसन का इम्पैक्ट: संजू पहली ही गेंद से बड़े शॉट्स खेलने की काबिलियत रखते हैं। टी20 में उनका स्ट्राइक रेट पंत से काफी बेहतर है, जो पावरप्ले के बाद बहुत जरूरी होता है।
- ईशान किशन की आक्रामकता: ईशान किशन बतौर ओपनर टीम को तूफानी शुरुआत देते हैं। बाएं हाथ का बल्लेबाज होने के कारण वो टीम को वही विकल्प देते हैं जो पंत देते हैं, लेकिन ज्यादा तेज गति से।
- पंत की कमजोरी: टी20 में पंत अक्सर पारी की शुरुआत में काफी डॉट गेंदें खेलते हैं, जिससे आने वाले बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ जाता है।
टेस्ट: यहाँ पंत का कोई सानी नहीं, क्यों हैं सबसे आगे?
भले ही सफेद गेंद के क्रिकेट में राह मुश्किल हो, लेकिन जब बात सफेद जर्सी और लाल गेंद की आती है, तो ऋषभ पंत दुनिया के नंबर 1 विकेटकीपर बल्लेबाज बन जाते हैं।

टेस्ट में पंत की बादशाहत का राज
- निडर बल्लेबाजी: जहाँ अन्य बल्लेबाज टेस्ट में रक्षात्मक होते हैं, पंत वहां काउंटर-अटैक करते हैं। गाबा का घमंड तोड़ना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
- मैच पलटने की क्षमता: टेस्ट में पंत को अपनी पारी बुनने का समय मिलता है। यहाँ उनका ‘गजब का हुनर’ सबसे ज्यादा निखर कर आता है क्योंकि यहाँ उन पर स्ट्राइक रेट का दबाव नहीं होता।
- गेंदबाजों में खौफ: टेस्ट क्रिकेट में पंत का क्रीज पर होना ही विपक्षी गेंदबाजों को गलती करने पर मजबूर कर देता है।
निष्कर्ष
ऋषभ पंत निसंदेह एक प्रतिभावान खिलाड़ी हैं। फिलहाल, टीम की जरूरतें और राहुल-सजू जैसे खिलाड़ियों का फॉर्म उन्हें सीमित ओवरों से दूर रख रहा है। लेकिन, क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है। अगर पंत अपनी फिटनेस और टी20 के स्ट्राइक रेट पर काम करते हैं, तो वो दिन दूर नहीं जब वो फिर से तीनों फॉर्मेट में भारत की पहली पसंद होंगे। आपकी क्या राय है? क्या ऋषभ पंत को राहुल और संजू की जगह वनडे और टी20 में मौका मिलना चाहिए? क्या वो कभी तीनों फॉर्मेट में वापसी कर पाएंगे? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं! ऐसे ही क्रिकेट और स्पोर्ट्स से जुड़े बेहतरीन और रोचक ब्लॉग्स पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट VirtualBoost.in पर जरूर विजिट करें।
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